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Rewa News : ग्रहण के बाद रंगों की धूम, चिरहुलानाथ हनुमान मंदिर में खेली गई होली, भजन-कीर्तन से गूंजा परिसर

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Wednesday, 4 March 2026

 


ग्रहण के कारण मंगलवार को रंगोत्सव नहीं मनाए जाने के बाद रीवा में बुधवार को होली पूरे उल्लास, आस्था और परंपरा के साथ मनाई गई। शहर के प्रसिद्ध चिरहुलानाथ हनुमान मंदिर में तड़के भोर से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

हनुमानजी को अर्पित किया अबीर-गुलाल

श्रद्धालुओं ने भगवान चिरहुलानाथ हनुमान को अबीर-गुलाल अर्पित कर विशेष पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर ‘जय श्रीराम’ और ‘हनुमान जी की जय’ के जयकारों से गूंज उठा। पुजारियों ने विधि-विधान से भगवान को रंग अर्पित किए, जिसके बाद भक्तों ने बारी-बारी से दर्शन कर गुलाल लगाया।

ग्रहण के बाद दिखा दोगुना उत्साह

ग्रहण के चलते एक दिन देरी से मनाई गई होली के कारण श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही ढोल-नगाड़ों की थाप, भजन-कीर्तन और पारंपरिक होली गीतों से मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।शहर के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों में भी होली की रौनक दिखाई दी। गली-मोहल्लों में बच्चे, युवा और बुजुर्ग एक-दूसरे को रंग लगाकर पर्व की शुभकामनाएं देते नजर आए। कहीं फाग गीतों की महफिल सजी तो कहीं डीजे की धुन पर युवाओं ने जमकर नृत्य किया।

सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम

पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। प्रमुख चौराहों और मंदिर परिसर के आसपास पुलिस बल तैनात रहा। आस्था, परंपरा और उमंग के इस संगम ने रीवा में होली के रंगों को और भी खास और यादगार बना दिया।

Rewa News : रीवा में जगन्नाथ मंदिर में 4 मार्च को वितरित होगा आटिका प्रसाद

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Monday, 2 March 2026

रीवा शहर के बिछिया मोहल्ले में स्थित प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर में होली के अवसर पर आटिका प्रसाद की प्राचीन परंपरा इस वर्ष भी पूरे हर्षोल्लास के साथ निभाई जाएगी। मंदिर में होलिका दहन 2 मार्च की रात्रि को आयोजित होगा, जिसमें पारंपरिक नाट्य प्रस्तुति भी शामिल रहेगी। चूंकि 3 मार्च को पूर्ण चंद्र ग्रहण लग रहा है, इसलिए मंदिर के कपाट उस दिन बंद रहेंगे और धार्मिक नियमों का पालन किया जाएगा। 

4 मार्च को सुबह 11 बजे भगवान जगन्नाथ जी को आटिका प्रसाद के रूप में कढ़ी-भात का भोग लगाया जाएगा, जिसे बाद में भक्तों में वितरित किया जाएगा। भक्त अपनी श्रद्धा अनुसार अन्य प्रसाद जैसे खीर, मालपुआ आदि भी चढ़ा सकते हैं। यह परंपरा रीवा राजघराने से जुड़ी हुई है और महाराजा भाव सिंह जू देव के समय से चली आ रही है।इस आटिका महाप्रसाद भंडारे में रीवा के अलावा सतना, सीधी, सिंगरौली और पन्ना जिलों से हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करने पहुंचते हैं। मंदिर समिति ने बताया कि कार्यक्रम की लगभग सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। बतादें कि यह मंदिर लगभग 225 वर्ष पुराना है। इसका निर्माण महाराजा रघुराज सिंह ने शुरू करवाया था, जिसे बाद में महाराजा व्यंकट सिंह ने पूर्ण करवाया। यह परंपरा न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि जगत कल्याण की कामना से जुड़ी हुई है।

Lunar Eclipse News : 3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण: 3 घंटे 27 मिनट रहेगा प्रभाव, 12 राशियों पर पड़ेगा असर

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Sunday, 1 March 2026

 

ज्योतिषाचार्य पंडित प्रशांत चतुर्वेदी के अनुसार 3 मार्च 2026 को वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है, जो भारत में भी दृश्य होगा और ज्योतिष शास्त्र में इसका विशेष महत्व माना जाता है। भारतीय समयानुसार ग्रहण दोपहर 3:19 बजे प्रारंभ होकर शाम 6:47 बजे तक रहेगा, जिसकी कुल अवधि 3 घंटे 27 मिनट की होगी। ग्रहण से लगभग 9 घंटे पूर्व, सुबह 6:20 बजे से सूतक काल प्रारंभ हो जाएगा। यह ग्रहण सूर्य की राशि सिंह और शुक्र के नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी में घटित होगा, जिससे इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग रूप में पड़ेगा।

ज्योतिषीय आकलन के अनुसार सिंह राशि के जातकों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है, जबकि मिथुन, तुला, वृश्चिक और मीन राशि के लिए यह ग्रहण अपेक्षाकृत शुभ फलदायी माना गया है। वहीं मेष, वृषभ, कर्क, कन्या, धनु, मकर और कुंभ राशि के जातकों को मानसिक तनाव, आर्थिक उतार-चढ़ाव या स्वास्थ्य संबंधी सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। ज्योतिषाचार्य ने विभिन्न राशियों के लिए सूर्य, शिव, गणेश और मां दुर्गा की आराधना तथा संबंधित स्तोत्रों के पाठ की सलाह दी है।

ग्रहण काल में धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विशेष सावधानियां बरतने की बात कही गई है। सूतक और ग्रहण अवधि में भोजन बनाना और ग्रहण करना वर्जित माना जाता है। पुष्प या तुलसी दल नहीं तोड़ना चाहिए तथा सूतक प्रारंभ होने से पहले ही घर के मंदिर में पूजन कर पट बंद कर देना चाहिए। ग्रहण के स्पर्श और मोक्ष के समय स्नान करने तथा यथाशक्ति मंत्र जप और स्तोत्र पाठ करने की सलाह दी गई है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार यह ग्रहण आध्यात्मिक दृष्टि से आत्मचिंतन और साधना का विशेष अवसर भी माना जा सकता है।

Maihar News : मैहर में चंद्रग्रहण के चलते 3 मार्च को साढ़े 5 बजे से बंद रहेंगे मां शारदा के कपाट

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मैहर के त्रिकूट पर्वत स्थित मां शारदा मंदिर के कपाट 3 मार्च को चंद्रग्रहण के कारण शाम साढ़े 5 बजे बंद कर दिए जाएंगे और श्रद्धालुओं को 4 मार्च को अभिषेक व शुद्धिकरण के बाद ही दर्शन मिल सकेंगे। यह जानकारी मंदिर के प्रधान पुजारी पवन महाराज ने दी। 

मंदिर प्रबंधन के अनुसार 3 मार्च को शाम 5 बजे माता की सांध्यकालीन आरती और विशेष पूजन संपन्न होगा, जिसके तुरंत बाद गर्भगृह के कपाट बंद कर दिए जाएंगे और उसके बाद किसी को भी दर्शन की अनुमति नहीं होगी। ग्रहण समाप्ति के पश्चात 4 मार्च को गर्भगृह का शुद्धिकरण कर माता का पवित्र जल से अभिषेक किया जाएगा तथा विधिवत पूजा-अर्चना पूर्ण होने के बाद ही कपाट दोबारा खोले जाएंगे। 

प्रबंधन ने दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं से समय-सारणी का ध्यान रखने और 3 मार्च को दर्शन के लिए शाम साढ़े 5 बजे से पहले मंदिर पहुंचने की अपील करते हुए परिसर में शांति व व्यवस्था बनाए रखने का अनुरोध किया है।

Holi News : होली पर चंद्रग्रहण का साया, 3 मार्च शाम 6:48 बजे के बाद ही रंगोत्सव शुभ, ज्योतिषियों की विशेष सलाह

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होली 2026 इस बार एक दुर्लभ खगोलीय संयोग के साथ मनाई जाएगी, क्योंकि 3 मार्च को चंद्र ग्रहण पड़ रहा है, जो फाल्गुन पूर्णिमा और धुलंडी के साथ ओवरलैप कर रहा है। प्रख्यात ज्योतिषाचार्य पंडित विनय प्रसाद शास्त्री ने ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर स्पष्ट किया है कि रंग खेलने का शुभ समय 3 मार्च शाम 6:48 बजे के बाद ही माना जाएगा, क्योंकि इसी समय ग्रहण का मोक्ष (समापन) होगा। उनके अनुसार चंद्र ग्रहण का सूतक 3 मार्च सुबह 9:18 बजे से शुरू हो जाएगा, जबकि ग्रहण का दृश्य प्रभाव भारत में चंद्रमा उदय के समय, लगभग शाम 6 बजे के आसपास दिखाई देगा और 6:48 बजे समाप्त होगा। सूतक और ग्रहण काल में मांगलिक कार्य, उत्सव, रंग-अबीर का प्रयोग और अन्य शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं, इसलिए धार्मिक दृष्टि से ग्रहण समाप्ति के बाद ही रंगोत्सव मनाना उचित रहेगा।

ज्योतिषीय गणना के अनुसार फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 2 मार्च शाम 6 बजे से प्रारंभ होकर 3 मार्च रात 12:50 बजे तक प्रभावी रहेगी। होलिका दहन “ॐ होलिकायै नमः” मंत्र जप के साथ ग्रहण के बाद करना अधिक फलदायी बताया गया है। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि लगभग 100 वर्ष बाद ऐसा संयोग बन रहा है जब होली और चंद्रग्रहण एक साथ पड़ रहे हैं, इसलिए विशेष सावधानी आवश्यक है।

इधर सीधी सहित प्रदेशभर के बाजारों में अबीर-गुलाल, पिचकारियों और रंगों की खरीदारी जोरों पर है। गांवों और शहरों में होली का उत्साह चरम पर है, जहां लोग आपसी गिले-शिकवे मिटाकर प्रेम और सौहार्द के साथ त्योहार मनाने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु और परिवार 4 मार्च को रंग खेलने को अधिक शुभ मान रहे हैं, क्योंकि यह दिन ग्रहण मुक्त होगा। ज्योतिष विशेषज्ञों ने अपील की है कि धार्मिक मान्यताओं का सम्मान करते हुए ग्रहण काल में संयम बरतें, ताकि त्योहार की खुशियां अक्षुण्ण बनी रहें।

Rewa news : महाशिवरात्रि पर रीवा के महामृत्युंजय सहित अन्य मंदिरों में उमड़ी भारी भीड़, भंडारे का हुआ आयोजन

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Sunday, 15 February 2026


महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रीवा किला परिसर स्थित प्रसिद्ध महामृत्युंजय मंदिर में भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा।  मंदिर के पट रात 3 बजे खोल दिए गए थे और सुबह 4 बजे से ही श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचने लगे। किला परिसर के मुख्य द्वार से लंबी कतारें लगी रहीं, जहां श्रद्धालु धैर्यपूर्वक अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन तथा मंदिर समिति के स्वयंसेवक तैनात रहे। 

मंदिर के मुख्य पुजारी वनस्पति प्रसाद त्रिपाठी ने बताया कि रीवा का यह प्राचीन महामृत्युंजय मंदिर विशेष धार्मिक महत्व रखता है। यहां विराजमान स्वयंभू महामृत्युंजय शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से असाध्य रोगों से मुक्ति मिलती है और सावन माह में पूजा-अर्चना से अकाल मृत्यु का भय भी दूर हो जाता है। मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता इसका 1001 छिद्रों वाला अनोखा शिवलिंग है, जिसे विश्व में अपनी तरह का इकलौता माना जाता है। भगवान शिव को सहस्त्र नेत्रधारी मानने की आस्था के कारण यहां श्रद्धालुओं की विशेष भक्ति उमड़ती है। महाशिवरात्रि के अवसर पर शहर और जिले भर के अन्य शिव मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। मनकामेश्वर महादेव मंदिर सहित विभिन्न शिवालयों में सुबह से दर्शन, पूजा और भंडारे का सिलसिला जारी रहा। 

शहर के प्राचीन शिव मंदिर में धर्म परिवार द्वारा ग्यारह हजार पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण कर भक्तों को आकर्षित किया। वहीं गल्लामंडी में आकर्षक शिव बारात की झांकियां निकाली गईं। सड़कों के किनारे-किनारे सजीं शिव की खूबसूरत झांकियां लोगों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी रहीं।

Rewa News : शिव बारात रोककर निकाली गई एंबुलेंस, आस्था के साथ दिखाई इंसानियत

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महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रीवा शहर में निकली भव्य शिव बारात ने एक बार फिर इंसानियत का अद्भुत उदाहरण पेश किया। कोठी परिसर से निकल रही बारात के बीच व्यंकट भवन की ओर से दो 108 एंबुलेंस तेजी से आती दिखीं। जाम और बारात की भीड़ के कारण दोनों एंबुलेंस फंस गईं। इस मौके पर मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तुरंत सक्रियता दिखाई।

उन्होंने बारात को कुछ पलों के लिए रोक दिया और आयोजकों से सहयोग मांगा। बारात आयोजकों ने बिना किसी हिचकिचाहट के तुरंत सहमति जताई। श्रद्धालुओं ने भी थोड़ा पीछे हटकर रास्ता साफ किया। नतीजा यह हुआ कि दोनों एंबुलेंस तेजी से गुजर गईं। पुलिस और बारात आयोजकों की इस संवेदनशीलता ने साबित कर दिया कि आस्था और मानवता साथ-साथ चल सकती हैं। ऐसी छोटी-छोटी घटनाएं समाज में संवेदनशीलता और सहयोग की भावना को मजबूत करती हैं।

Rewa News : रीवा में महाशिवरात्रि पर निकली भव्य शिव बारात, उपमुख्यमंत्री बने बाराती

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महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रीवा शहर में भक्ति और उत्साह की लहर छाई रही। शिव बारात आयोजन एवं कल्याण समिति, द्वारा आयोजित भव्य शिव बारात में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। इस धार्मिक आयोजन में मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल भी बाराती के रूप में शामिल हुए और भोले बाबा की दिव्य यात्रा में सहभागी बने। आज महाशिवरात्रि के शुभ मुहूर्त पर बैजू धर्मशाला से शुरू हुई यह बारात शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए पंचमठा धाम पहुंची। 

यहां भगवान शिव-पार्वती का विधि-विधान से विवाह संपन्न हुआ और भक्तों ने पूजा-अर्चना में भाग लिया। बारात में ढोल-नगाड़े, शहनाई, नगड़िया, घोड़ा-बग्घी और धर्मध्वजा के साथ भक्ति गीतों तथा 'हर-हर महादेव' के जयकारों की गूंज रही। इस वर्ष का मुख्य आकर्षण विंध्य क्षेत्र का सबसे बड़ा त्रिशूल रहा, जो लगभग 31 फीट ऊंचा और 551 किलोग्राम वजनी था। यह विशाल त्रिशूल बारात के साथ शोभायात्रा में शामिल हुआ और श्रद्धालुओं के बीच भक्ति की लहर पैदा कर गया। 

यह परंपरा रीवा में पिछले 40 वर्षों से चली आ रही है, जो हर साल और अधिक भव्य रूप धारण करती जा रही है। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मौके पर मौजूद भक्तों को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दीं और भोलेनाथ की कृपा से प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की। शहर भर में भक्ति की यह लहर देखते ही बनती थी, जहां लोग घरों से निकलकर बारात का स्वागत करने, प्रसाद ग्रहण करने और हर-हर महादेव के जयकारे लगाने में जुटे रहे।

Rewa News : रीवा के बसामन मामा में गौभक्तमाल कथा का तीसरा दिन भव्य आयोजन

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Saturday, 14 February 2026


रीवा जिले के बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में श्रीमलूक पीठाधीश्वर श्री राजेंद्र दास जी महाराज द्वारा आयोजित श्री गौभक्तमाल कथा एवं गौ-आधारित प्राकृतिक खेती पर विशेष प्रवचन का तीसरा दिन भी अत्यंत भव्य और भावपूर्ण रहा। कथा श्रवण के लिए दूर-दूर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और गौ-माता के महत्व, गौ-आधारित प्राकृतिक खेती तथा सनातन धर्म के मूल्यों पर आधारित आध्यात्मिक प्रवचन को पूर्ण एकाग्रता के साथ सुना। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, सांसद जनार्दन मिश्रा, पूर्व मंत्री महाराजा पुष्पराज सिंह, विधायक दिव्यराज सिंह, सिहावल विधायक विश्वामित्र पाठक, पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी सहित कई जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और स्थानीय लोग मौजूद रहे। 

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी की और गौ सेवा, प्राकृतिक खेती तथा पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। राजेंद्र दास जी महाराज ने अपने प्रवचन में गौ-माता के जीवन में निहित महत्व, गौ-आधारित प्राकृतिक खेती की वैज्ञानिक विधियों, पर्यावरण संरक्षण के व्यावहारिक उपायों और सनातन धर्म की शिक्षाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कथा के समापन दिवस पर श्रद्धालुओं को बताया कि गौ सेवा के माध्यम से व्यक्ति आत्मिक शांति, बेहतर स्वास्थ्य और समृद्धि प्राप्त कर सकता है। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने गौ-माता के प्रति अपनी भक्ति और प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा प्राप्त की। यह आयोजन गौ संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता के संदेश को मजबूती प्रदान करने में सफल रहा।

Rewa News : बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में श्री गौभक्तमाल कथा का भव्य आयोजन

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Friday, 13 February 2026

रीवा जिले के बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में श्रीमलूक पीठाधीश्वर श्री राजेंद्र दास जी महाराज द्वारा आयोजित श्री गौभक्तमाल कथा एवं गौ-आधारित प्राकृतिक खेती पर विशेष प्रवचन का दूसरा दिन आज भव्य रूप से संपन्न हुआ। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु दूर-दूर से पहुंचे और गौ-माता के महत्व पर आधारित आध्यात्मिक प्रवचन को एकाग्रचित्त होकर सुना। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल सहित कई जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और स्थानीय लोग मौजूद रहे। उपमुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में भाग लेकर गौ सेवा, प्राकृतिक खेती और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को बढ़ावा दिया।श्री राजेंद्र दास जी महाराज ने कथा के दौरान गौ-माता के जीवन में महत्व, गौ-आधारित प्राकृतिक खेती की वैज्ञानिक विधियों, पर्यावरण संरक्षण के उपायों तथा सनातन धर्म के मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने श्रद्धालुओं को गौ सेवा के माध्यम से आत्मिक शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि प्राप्त करने का मार्ग बताया। यह भव्य आयोजन 12 से 14 फरवरी तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चल रहा है।

Rewa News : महाशिवरात्रि पर 30 फीट के भव्य त्रिशूल के साथ निकलेगी शिव बारात, 108 स्थानों पर होगा स्वागत, पचमठा में होगा शिव-पार्वती विवाह

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Wednesday, 11 February 2026



रीवा, महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर शहर में भगवान भोलेनाथ की भव्य शिव बारात निकाली जाएगी। इस बार बारात का मुख्य आकर्षण 30 फीट यानी लगभग 9.1 मीटर लंबा और 551 किलोग्राम वजनी विशाल त्रिशूल होगा, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचने वाले हैं।

आयोजन समिति ने बारात का रूट चार्ट जारी कर दिया है। बारात महाशिवरात्रि के दिन सुबह 9 बजे बेऊज धर्मशाला से प्रस्थान करेगी और प्रमुख मार्गों से होते हुए पचमठा आश्रम पहुंचेगी। मार्ग में खजरा चौराहा, स्टेच्यू चौक, साई मंदिर, टक्कर चौराहा, रीत सेंटर, राठौर मोहल्ला, शिल्पी प्लाजा, ब्लॉक रोड, स्वागत भवन, प्रकाश चौक, सिरमौर चौक और फोर्ट रोड होते हुए एसके स्कूल के पास से श्रमकल्याण केंद्र के समीप स्थित पचमठा आश्रम में बारात समाप्त होगी।
बारात के मार्ग में कुल 108 स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा और भव्य स्वागत किया जाएगा। बारात में धर्म ध्वजा, झांझ-मंजीरा, ढोल-नगाड़े, डमरू दल, बैंड, महाकाल की पालकी, 31 फीट का त्रिशूल, रुद्राक्ष की झांकी, काली माता, आदिशक्ति, केदारनाथ मंदिर, नरसिंह अवतार, राधा-कृष्ण रासलीला और शिव-पार्वती की सजीव झांकियां मुख्य आकर्षण रहेंगी। इसके अलावा विभिन्न लोकनृत्य, डांडिया, घूमर और अखाड़ा प्रदर्शन भी बारात की शोभा बढ़ाएंगे।
पचमठा आश्रम पहुंचने के बाद विधि-विधान से शिव-पार्वती विवाह संपन्न होगा। विवाह के पश्चात दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक भक्ति संगीत, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विशाल भंडारे का आयोजन होगा। देशभर से आए कलाकार भजन संध्या में प्रस्तुति देंगे, जिसमें राजस्थानी घूमर, फोक डांस, कृष्ण लीला और पारंपरिक लोकनृत्य शामिल रहेंगे।
आयोजन समिति के अध्यक्ष मनीष गुप्ता ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव को सफल बनाएं। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक होगा, बल्कि रीवा की सांस्कृतिक विरासत को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

Rewa News : रीवा में राम दरबार परिवार ने हवाई यात्रा में किया सामूहिक सुंदरकांड पाठ

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Friday, 23 January 2026

रीवा एयरपोर्ट पर रीवा-इंदौर विमान में शुक्रवार को एक अनोखा और भक्तिमय दृश्य देखने को मिला, जहां राम दरबार परिवार के सदस्य पवन पुत्र हनुमान जी की आराधना के लिए विशेष हवाई यात्रा पर रवाना हुए। इस 60 सदस्यीय दल ने हवाई जहाज में बैठकर सुंदरकांड का पाठ किया। 

राम दरबार परिवार के सदस्यों ने बताया कि यह यात्रा सनातन परंपरा के मूल्यों—प्रेम, करुणा, मैत्री और बंधुत्व को मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है। वे विश्व में चल रहे युद्धों और अशांति को समाप्त करने की प्रार्थना कर रहे हैं। हनुमान जी को कलयुग के साक्षात देवता मानते हुए, उन्होंने इस यात्रा को ऊर्जा का माध्यम बनाया है जो संपूर्ण विश्व में फैले सनातनियों में एकता कायम करेगी।

Rewa News : रीवा में आरएसएस शताब्दी वर्ष में निकाला गया भव्य बाल पथ संचलन

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Sunday, 4 January 2026

रीवा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में नगर कार्यवाह द्वारा रविवार को शहर में बाल पथ संचलन का भव्य आयोजन किया गया। यह संचलन पद्मधर पार्क से शुरू होकर प्रकाश चौराहा, शिल्पी प्लाजा, पुराना कोर्ट भवन और सांई मंदिर होते हुए पुनः पद्मधर पार्क में समाप्त हुआ। कंधे पर लाठी लिए नन्हे-मुन्ने बाल स्वयंसेवक बैंड की धुन पर अनुशासित कदमताल करते हुए आगे बढ़ रहे थे। उनकी जोशीली प्रस्तुति ने पूरे पथ संचलन को आकर्षण का केंद्र बना दिया। 

मार्ग में जहां-जहां से यह संचलन गुजरा, वहां लोग उत्साहपूर्वक सड़कों के किनारे खड़े होकर इसे निहारते रहे और बच्चों के प्रदर्शन से अभिभूत नजर आए। बाल स्वयंसेवकों के साथ उनके परिजन भी पद्मधर पार्क पहुंचे और इस अनुशासित एवं उत्साहपूर्ण आयोजन का हिस्सा बने। यह बाल पथ संचलन आरएसएस के शताब्दी वर्ष में बच्चों में अनुशासन, देशभक्ति और संगठन भावना को बढ़ावा देने का एक सुंदर उदाहरण साबित हुआ।

माघ मेला शुरू : रीवा के रास्ते 2 करोड़ श्रद्धालुओं के जाने का अनुमान, चाक-चौबंद सुरक्षा

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Saturday, 3 January 2026

पौष पूर्णिमा के अवसर पर आज शनिवार से माघ मेला 2026 का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। त्रिवेणी संगम पर आस्था की डुबकी लगाने के लिए देश के कोने-कोने से भीड़ उमड़ रही है। 44 दिनों तक चलने वाले इस मेले में 10 करोड़ से ज्यादा लोगों के पहुंचने की संभावना है। महाकुंभ के आंकड़ों को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि 2 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु रीवा के रास्ते प्रयागराज जा सकते हैं। देश भर के श्रद्धालु रीवा होकर माघ मेले में स्नान और कल्पवास करने प्रयागराज जा रहे हैं। मेला शुरू होते ही इसका सीधा असर मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले रीवा–प्रयागराज हाईवे पर देखने को मिल रहा है। 


हालांकि नववर्ष की शुरुआत से ही यहां आवाजाही तेज हो गई है। रीवा जिले की सीमा से नजदीक प्रयागराज बार्डर पर कई किलोमीटर तक वाहनों की कतारें देखी गईं। हालांकि, डायवर्जन प्लान और अतिरिक्त पुलिस बल के कारण हालात काबू में हैं। रीवा संभाग में पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर है। प्रमुख चौराहों और एंट्री पॉइंट्स पर निगरानी रखी जा रही है ताकि जाम न लगे। पिछले कुंभ मेले के दौरान लगे लंबे जाम से सबक लेते हुए प्रशासन ने इस बार माघ मेले से पहले ही तैयारी कर ली है। जिसके तहत नो-एंट्री व्यवस्था और भारी वाहनों पर नियंत्रण की योजना लागू है। जरूरत पड़ने पर प्रयागराज शहर में प्रवेश से पहले ही भारी वाहनों को रोका जाएगा और उन्हें डायवर्ट किया जाएगा। 

सबसे ज्यादा भीड़ 3 जनवरी पौष पूर्णिमा, 15 जनवरी मकर संक्रांति, 18 जनवरी मौनी अमावस्या, 23 जनवरी बसंत पंचमी, 1 फरवरी माघी पूर्णिमा और 15 फरवरी महाशिवरात्रि पर रहेगी। इन तारीखों पर 24 घंटे विशेष ट्रैफिक प्लान लागू रहेगा और डायवर्जन ड्यूटी तीन शिफ्टों में की जाएगी।

Rewa News: नए साल के पहले दिन चिरहुलानाथ मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब, बजरंगबली से सुख-समृद्धि की कामना

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Thursday, 1 January 2026



रीवा।  नए साल 2026 के आगाज के साथ रीवा के प्रसिद्ध चिरहुलानाथ मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि साल के पहले दिन संकटमोचन बजरंगबली के दर्शन से पूरा वर्ष खुशी, शांति और समृद्धि से बीतेगा। सुबह से ही मंदिर परिसर में महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और सभी आयु वर्ग के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे।

भक्तों ने बताया कि नए साल की शुरुआत हनुमान जी के दर्शन से करने से मन शांत होता है और भगवान सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। एक श्रद्धालु ने कहा, "बजरंगबली की कृपा से परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना लेकर आए हैं। साल का पहला दिन दर्शन से शुरू करने से पूरा वर्ष अच्छा गुजरेगा।"
भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस और मंदिर ट्रस्ट ने पहले से विशेष व्यवस्थाएं की हैं। पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग कतारें, बैरिकेडिंग और पार्किंग की समुचित सुविधा उपलब्ध कराई गई है। पुलिस कर्मी मुस्तैद हैं ताकि किसी भक्त को कोई असुविधा न हो। मंदिर प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा, "हर साल नए वर्ष पर यहां बड़ी भीड़ होती है। इस बार पिछले साल से अधिक तैयारी की गई है, ताकि दर्शन सुचारू रूप से हो सकें।"
चिरहुलानाथ मंदिर रीवा शहर के पूर्वी हिस्से में चिरहुला तालाब के किनारे स्थित एक प्राचीन सिद्धपीठ है। यह हनुमान जी को समर्पित है और यहां दर्शन से मनोकामनाएं पूरी होने की गहरी मान्यता है। मंदिर में बजरंगबली की अदालत लगने की अनोखी परंपरा भी प्रसिद्ध है, जहां भक्त अपनी अर्जियां लगाते हैं।
आस्था का यह जनसैलाब नए साल पर देशभर के मंदिरों में उमड़ रही भीड़ का हिस्सा है। भक्तों की कामना है कि नया साल सभी के लिए सुख और शांति लेकर आए। जय बजरंगबली!

Sidhi News: पडखुरी आश्रम में संपन्न हुआ 5 कुंडीय शक्ति संवर्धन गायत्री महायज्ञ, देव कन्याओं व महिला मंडल ने लिया भाग

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Monday, 29 December 2025

सीधी। श्री वेद माता गायत्री ट्रस्ट आश्रम पडखुरी में 28 दिसंबर को भव्य 5 कुंडीय शक्ति संवर्धन गायत्री महायज्ञ संपन्न हुआ। देव संस्कृति विश्वविद्यालय की देव कन्याओं तथा महिला मंडल रीवा की 70 बहनों के आध्यात्मिक टूर के दौरान यह आयोजन किया गया, जिसमें तीर्थ सेवन भी शामिल रहा।

आश्रम व्यवस्थापक प्रभाकांत तिवारी ने उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को पूज्य गुरुदेव का संदेश सुनाया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि यज्ञ केवल एक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि और समाज में सकारात्मक ऊर्जा संचार का प्रभावी माध्यम है। परम पूज्य गुरुदेव की शिक्षा का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि यज्ञ से व्यक्तिगत आध्यात्मिक विकास के साथ-साथ समाज में सामूहिक चेतना और सेवा भाव का संवर्धन होता है।

प्रभाकांत तिवारी ने आगे कहा कि अवसर को पहचानने वाले ही सौभाग्यशाली होते हैं और गुरुदेव तथा माता जी से जुड़ने के बाद ही जीवन सार्थक होता है।प्रधान दीदी ने श्रद्धालुओं से पूरी श्रद्धा, भक्ति और समर्पण के साथ महायज्ञ में भाग लेने का आग्रह किया। उर्मिला तिवारी ने तिलक लगाकर सभी का स्वागत किया। देव संस्कृति विश्वविद्यालय की बच्चियों ने शताब्दी वर्ष में गुरुदेव-माताजी के आदर्शों को अपनाने, आध्यात्मिक जागृति, निष्ठा और सेवा भाव पर जोर दिया। उनके प्रेरक शब्दों ने सभी के हृदय को छू लिया और सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा दी।

इस अवसर पर रीवा जिला समन्वयक रविंद्र सिंह, राजकुमार नामदेव, देवेश मिश्रा, रामउजागर तिवारी, वंदना अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, नीरज द्वारका गुप्ता, मातेश्वरी गुप्ता सहित रीवा-सीधी के सैकड़ों परिजन उपस्थित रहे। प्रभाकांत तिवारी ने सभी को स्मृति चिन्ह भेंट किए। सामूहिक सहभोज के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ और अंत में प्रधान दीदी ने आभार व्यक्त किया।यह आयोजन आध्यात्मिक ऊर्जा और सामूहिक सद्भावना का प्रतीक बना।


राम मंदिर को गुमनाम भक्त ने दान की 30 करोड़ की रत्नजड़ित प्रतिमा, कर्नाटक शैली में बनी, जानिए कहां होगी स्थापित

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Wednesday, 24 December 2025


अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में जल्द ही एक अत्यंत भव्य और बेशकीमती रत्नजड़ित प्रतिमा स्थापित की जाएगी। यह प्रतिमा सोने की चमक वाली है, जिसमें हीरा, पन्ना, नीलम और अन्य बहुमूल्य रत्न जड़े गए हैं। इसे कर्नाटक के एक गुमनाम भक्त (या श्रद्धालुओं के समूह) ने दान में दिया है। मंगलवार शाम यह प्रतिमा कर्नाटक से अयोध्या पहुंचाई गई।

प्रतिमा की विशेषताएं
  • ऊंचाई: 10 फीट
  • चौड़ाई: 8 फीट
  • अनुमानित वजन: 5 क्विंटल
  • अनुमानित कीमत: 25 से 30 करोड़ रुपये
  • शैली: दक्षिण भारत (कर्नाटक और तंजावुर) की पारंपरिक शिल्पकला
  • यह प्रतिमा गर्भगृह में विराजमान रामलला की मौजूदा मूर्ति की हूबहू प्रतिकृति है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि प्रतिमा किसने भेजी है, इसकी पूरी जानकारी अभी आनी बाकी है। वजन मापने की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही विस्तृत विवरण साझा किया जाएगा।अयोध्या तक का सफरकर्नाटक से अयोध्या की दूरी लगभग 1,750 किलोमीटर है। प्रतिमा को विशेष वैन से सुरक्षित लाया गया, जिसमें 5-6 दिन लगे। मंगलवार शाम करीब 3:30 बजे इसे राम मंदिर परिसर में पहुंचाया गया और वहीं सुरक्षित रूप से खोला गया।स्थापना और अनावरणप्रतिमा की स्थापना संत तुलसीदास मंदिर के पास अंगद टीला पर प्रस्तावित है। स्थापना से पहले इसका अनावरण किया जाएगा, उसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्राण-प्रतिष्ठा समारोह आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में देशभर के संत-महंतों को आमंत्रित किया जाएगा।प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को हुई थी। इस साल इसकी दूसरी वर्षगांठ पंचांग के अनुसार 31 दिसंबर को मनाई जाएगी, जिसे प्रतिष्ठा द्वादशी नाम दिया गया है। अंगद टीला परिसर में 29 दिसंबर 2025 से 2 जनवरी 2026 तक धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। ट्रस्ट महासचिव चंपत राय ने यहां भूमि पूजन भी किया है।

Rewa News : गायत्री विश्वविद्यालय हरिद्वार की छात्राएं खुशहाल जीवन का दे रही संदेश

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Monday, 22 December 2025

उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित गायत्री विश्वविद्यालय की छात्राएं रीवा पहुंची हैं। उत्तराखंड, बिहार सहित अन्य राज्यों की इन छात्राओं का उद्देश्य स्थानीय लोगों को धर्म, नशामुक्ति, स्वस्थ जीवनशैली, योगासन और आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करना है। वे लोगों को जीवन में खुशहाली और संतुलन बनाए रखने के गुर सिखा रही हैं। छात्राओं का कहना है कि पढ़ाई के साथ-साथ ऐसे सामाजिक कार्य करना हर व्यक्ति को मानसिक और आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनाता है तथा खुशहाल जीवन जीने में मदद करता है। 

गायत्री परिवार के जोन प्रमुख प्रभाकांत तिवारी ने बताया कि हरिद्वार से आई ये छात्राएं शहर के विभिन्न स्कूलों और बस्ती क्षेत्रों का भ्रमण कर रही हैं। वे लोगों को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं तथा सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए जागरूक कर रही हैं। यह प्रेरक कार्यक्रम 15 जनवरी तक चलेगा और 16 जनवरी को छात्राओं की विदाई होगी। गायत्री परिवार के इस आयोजन से रीवा में लोगों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो रहा है तथा नशामुक्ति और स्वस्थ जीवन की दिशा में एक नई पहल शुरू हुई है।

Rewa News: रीवा में 51 कुंडीय गायत्री महायज्ञ पूर्णाहुति के साथ संपन्न, शहरवासियों ने उत्साह से लिया भाग

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Thursday, 18 December 2025

रीवा शहर के शिवनगर में 15 दिसंबर से आयोजित 51 कुंडीय गायत्री महायज्ञ गुरुवार को पूर्णाहुति के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। यजमानों ने विश्व कल्याण और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के साथ इस महायज्ञ में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यह महायज्ञ अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा माता भगवती देवी शर्मा तथा अखंड ज्योति के जन्मशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में पूरे देश में एक साथ आयोजित किया गया था। इसी कड़ी में गायत्री शक्तिपीठ रीवा इकाई ने स्थानीय स्तर पर 51 कुंडीय यज्ञ का भव्य आयोजन किया। 

संस्कृति के विद्वानों ने वेद मंत्रों के उच्चारण के साथ यज्ञ की सभी विधियां संपन्न कराईं। बड़ी संख्या में यजमानों के अलावा शहर के गणमान्य नागरिक भी इस धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए। यज्ञ संपन्न होने के बाद सभी को प्रसाद वितरित किया गया। खास बात यह रही कि गायत्री शक्तिपीठ द्वारा यह पूरा महायज्ञ पूरी तरह निःशुल्क रखा गया था। तीन दिनों तक चले कार्यक्रम में सभी संस्कार और अनुष्ठान भी बिना किसी शुल्क के किए गए। इस आयोजन से शहरवासियों में धार्मिक उत्साह देखने को मिला।

Rewa News: लक्ष्मणबाग संस्थान में धूमधाम से शुरू हुआ गोदम्बा उत्सव, एक महीने तक चलेगा भक्ति का महापर्व!

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Wednesday, 17 December 2025

रीवा। लक्ष्मणबाग संस्थान में धनुर्मास के पावन अवसर पर गोदम्बा उत्सव बड़ी धूमधाम से प्रारंभ हो गया है। विगत कई वर्षों की तरह इस वर्ष भी 16 दिसंबर से शुरू हुए इस उत्सव की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त में श्री रंगनाथ भगवान एवं मां गोदम्बा जी के महाभिषेक से हुई। इसके बाद महाआरती और महाप्रसाद का भोग अर्पित कर भक्तों में वितरित किया गया।

मंदिर के पुजारी आचार्य कृष्णकांत जी महाराज ने बताया कि 14 जनवरी तक निरंतर चलने वाले इस उत्सव में प्रतिदिन प्रातःकाल विशेष पूजन-अर्चन के बाद सूर्योदय से पूर्व खीर का भोग लगाया जाएगा, जो पूरे दिन आने वाले भक्तों को प्रसाद के रूप में वितरित किया जाएगा। शाम के सत्र में भजन-कीर्तन के साथ उत्सव का आयोजन होगा। उत्सव की विशेषता के रूप में 4 से 10 जनवरी तक श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन होगा। वहीं 11 जनवरी को श्री रंगनाथ भगवान और मां गोदम्बा जी के विवाह उत्सव के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।


इस अवसर पर स्वामी गोकर्णाचार्य, भागवत प्रवक्ता पंडित बाला वेंकटेश शास्त्री, डॉ. दीनानाथ शास्त्री, सीओ योगेंद्र द्विवेदी, आचार्य शिवकांत द्विवेदी, ऋतिक गौतम, रामनारायण द्विवेदी, आचार्य प्रभात नारायण पांडे, प्रणव पांडे, शिवम पांडे, बृज कुमार शुक्ला सहित मंदिर पुजारी और स्थानीय श्रद्धालुओं ने हर्ष जताया। सभी ने अधिक से अधिक भक्तों से उत्सव में शामिल होने की अपील की है। गोदम्बा उत्सव भक्ति, भजन और प्रसाद के साथ आध्यात्मिक ऊर्जा का बड़ा स्रोत बनता है। भक्तों में उत्साह का माहौल है और मंदिर परिसर भगवान के जयकारों से गुंजायमान हो रहा है।
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